नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और सड़कें बंद होने जैसी स्थिति बनी हुई है।
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में गुरुवार रात हुई भारी बारिश के बाद चोलिंग क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर मलबा आ गया, जिससे दो वाहन दब गए। राज्यभर में भूस्खलन और बारिश के कारण 49 सड़कें बंद हैं।
उत्तर प्रदेश में शुक्रवार तड़के लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, जालौन समेत कई जिलों में बारिश हुई। कई इलाकों में जलभराव हो गया और बारिश का पानी घरों तक पहुंच गया। वहीं गुजरात के वलसाड में भी सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित रहा और कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए।
मध्य प्रदेश में मानसून ने मात्र नौ दिनों में पूरे प्रदेश को कवर कर लिया है। मौसम विभाग ने धार, बड़वानी, खरगोन और देवास जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश की संभावना जताई है। उज्जैन में क्षिप्रा नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट के आसपास के मंदिर पानी में डूब गए।
राजस्थान की राजधानी जयपुर में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
वहीं उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग, चमोली सहित कई जिलों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद हो गई हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर लगातार पत्थर गिरने से आवागमन प्रभावित है। सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ यात्रा फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दी गई है।









