सड़क सुरक्षा को लेकर चलाया गया दो सप्ताह का व्यापक अभियान मंगलवार को लोहिया भवन सभागार में संपन्न हो गया। जिला प्रशासन अम्बेडकरनगर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रोड सेफ्टी (सीओईआरएस), आईआईटी मद्रास के सहयोग से आयोजित इस अभियान ने सड़क सुरक्षा को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया।
7 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक चले अभियान में शिक्षा, इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, स्वास्थ्य और जनसहभागिता को केंद्र में रखा गया। अभियान के दौरान प्रशासन ने सुरक्षित यातायात व्यवहार को बढ़ावा देने के साथ ही दुर्घटनाओं के कारणों की पहचान और समाधान पर भी काम किया।
डेटा से समाधान तक: सड़क सुरक्षा पर वैज्ञानिक पहल
समापन समारोह में जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने कहा कि आईआईटी मद्रास के सहयोग से सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन कराया गया। सड़क सुरक्षा ऑडिट के आधार पर ब्लैक स्पॉट और संभावित दुर्घटना स्थलों की पहचान कर सुधार कार्य शुरू किए गए।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है। इसके लिए सड़क व्यवस्था, तकनीकी सुधार और लोगों के व्यवहार में बदलाव तीनों जरूरी हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में पिछले एक माह में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने इसे प्रशासन, विभागों, स्वयंसेवकों और नागरिकों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम बताया।
गांवों से विद्यालयों तक पहुंचा सड़क सुरक्षा का संदेश
अभियान के दौरान सड़क सुरक्षा का संदेश जनपद के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया गया। विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने पोस्टर, स्लोगन, निबंध और क्विज प्रतियोगिताओं के माध्यम से लोगों को सुरक्षित यातायात का संदेश दिया।
सड़क सुरक्षा पदयात्रा, ग्राम चौपाल, नुक्कड़ नाटक, क्षमता विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर, वीडियो आधारित जागरूकता कार्यक्रम और विशेष प्रवर्तन अभियान भी चलाए गए।









