- CJI बोले- वीडियो देखने का समय नहीं
- गुरुवार को सुनवाई की मांग भी ठुकराई
- संसद मार्च के दौरान हुई थी पुलिस कार्रवाई
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कहा कि अदालत के पास वीडियो देखने का समय नहीं है और इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि छात्र NEET परीक्षा की पारदर्शिता और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहे हैं। उन्होंने छात्रों के साथ कथित मारपीट के वीडियो का भी हवाला देते हुए गुरुवार को सुनवाई की मांग की। इस पर CJI ने कहा कि अदालत को वीडियो देखने में कोई रुचि नहीं है और अपना तथा अदालत का समय बर्बाद न किया जाए।
यह मामला 20 जुलाई को हुए संसद मार्च से जुड़ा है। प्रदर्शन के दौरान हजारों छात्र और प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़े थे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया था, जिसमें 100 से अधिक पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए थे।
इससे पहले मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसी मुद्दे पर दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा था कि अदालत को इस विवाद में न घसीटा जाए।
वहीं, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि कार्रवाई में कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं।









