- मामूली टक्कर के बाद चालक का अपहरण
- बाराबंकी में झाड़ियों से मिला नरकंकाल
- लूटी गई कार दो महीने तक चलाते रहे आरोपी
- चोरी की नंबर प्लेट लगाकर छिपाई पहचान
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में कार की मामूली टक्कर के बाद अर्टिगा चालक की अपहरण कर हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपियों ने शव को बाराबंकी के माती थाना क्षेत्र में किसान पथ किनारे झाड़ियों में फेंक दिया और उसकी कार लूटकर करीब दो महीने तक इस्तेमाल करते रहे। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर नरकंकाल बरामद किया है।
टक्कर के बाद हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, सुल्तानपुर निवासी गुफरान अहमद अर्टिगा कार चलाते थे। गोरखपुर से सवारी लेकर लखनऊ आने के दौरान अयोध्या रोड स्थित सीएनजी पंप के पास उनकी कार की दूसरी कार से मामूली टक्कर हो गई। इसी बात को लेकर दूसरी कार के चालक समीर और गुफरान के बीच विवाद हुआ।
अपहरण के बाद कर दी हत्या
आरोप है कि समीर ने अपने साथियों आदिल, साहिल और एक अन्य युवक के साथ मिलकर गुफरान का अपहरण किया। आरोपियों ने उसकी पिटाई की और बाराबंकी के माती क्षेत्र में किसान पथ के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया, जहां उसकी मौत हो गई। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मौके से नरकंकाल बरामद किया। परिजनों ने कपड़ों के आधार पर पहचान की है, जबकि पुष्टि के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है।
कई जिलों की पुलिस कर रही थी तलाश
गुफरान के लापता होने पर उनके भाई ने चिनहट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसके बाद लखनऊ, बाराबंकी और गोरखपुर पुलिस संयुक्त रूप से उनकी तलाश में जुटी हुई थी।
चोरी की नंबर प्लेट लगाकर चलाते रहे कार
हत्या के बाद आरोपी गुफरान की अर्टिगा कार का लगातार इस्तेमाल करते रहे। पहचान छिपाने के लिए कार पर चोरी की दूसरी नंबर प्लेट लगा दी गई। 12 जुलाई को बाराबंकी में लावारिस हालत में मिली कार की पहचान चेसिस और इंजन नंबर के जरिए हुई। इसी सुराग से पुलिस आरोपी तक पहुंची।









