नई दिल्ली। पेट्रोलियम मंत्रालय ने दावा किया है कि यदि पेट्रोल में एथेनॉल की ब्लेंडिंग नहीं की गई होती, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 135 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने के दौरान दिल्ली में पेट्रोल की कीमत करीब 125 रुपए प्रति लीटर हो सकती थी। मंत्रालय के अनुसार, एथेनॉल मिश्रण की वजह से उपभोक्ताओं को प्रति लीटर करीब 30 रुपए की बचत हुई।
E20 पेट्रोल की कीमत बताई
मंत्रालय ने बताया कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद उपभोक्ताओं को पेट्रोल अपेक्षाकृत कम कीमत पर उपलब्ध कराया गया। फिलहाल दिल्ली में E20 (91 ऑक्टेन) पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपए प्रति लीटर है, जबकि 100 ऑक्टेन पेट्रोल 169 रुपए प्रति लीटर में मिल रहा है।
75 दिन तक स्थिर रहीं कीमतें
सरकार के अनुसार, पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ने के बाद करीब 75 दिनों तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा गया था। इसके बाद मई में पेट्रोल और डीजल के दामों में 7.5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई।
FCI के चावल के इस्तेमाल से किया इनकार
पेट्रोलियम मंत्रालय ने उन आरोपों को भी खारिज किया कि गरीबों के लिए सब्सिडी वाले खाद्यान्न का उपयोग एथेनॉल उत्पादन में किया जा रहा है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि भारतीय खाद्य निगम (FCI) के सब्सिडी वाले चावल का इस कार्यक्रम में इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है।









