पाकिस्तान के सबसे बड़े सूबे बलूचिस्तान में अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। संगठन लंबे समय से अलग देश की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बलूचिस्तान के कई इलाकों में सरकारी नियंत्रण कमजोर हुआ है। सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और आम लोगों की आवाजाही को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
सरकारी संस्थानों पर हमले
क्वेटा, खुजदार और मस्तुंग समेत कई क्षेत्रों में हथियारबंद समूहों द्वारा पुलिस थानों और सरकारी कार्यालयों पर हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर सड़कों पर अवैध नाके लगाए जाने के भी दावे किए गए हैं।
फंडिंग के आरोप
रिपोर्टों के अनुसार, कुछ इलाकों में वाहनों की तलाशी लेकर अवैध वसूली किए जाने के आरोप हैं। दावा किया जाता है कि इस धन का उपयोग उग्रवादी गतिविधियों के लिए किया जाता है।
नोट: “विद्रोहियों का 70% क्षेत्र पर कब्जा” जैसे दावे विभिन्न रिपोर्टों में किए जाते रहे हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।









