आलापुर (अम्बेडकरनगर)। तहसील क्षेत्र की प्रमुख बाजारों से महानगरों और दूसरे जनपदों के लिए संचालित निजी बसों को लेकर परिवहन व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ बसों के परमिट, फिटनेस और अन्य जरूरी दस्तावेजों की वैधता संदिग्ध है। इसके बावजूद नियमित जांच और कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
रामनगर, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर, कम्हरिया बाजार, गिरैया, माडरमऊ, चहोड़ा और न्यौरी से प्रयागराज, लखनऊ, दिल्ली, वाराणसी, कानपुर और गोरखपुर के लिए बसों का संचालन होता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बसों की आवाजाही तड़के करीब तीन बजे से शुरू होकर देर रात एक बजे तक चलती है।
दस्तावेजों की जांच का ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग
सबसे बड़ा सवाल बसों के परमिट, फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र की नियमित जांच को लेकर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विभाग को अभियान चलाकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि कितने वाहनों की जांच हुई और नियमों का उल्लंघन मिलने पर कितनी कार्रवाई की गई।
क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की शिकायत
कुछ बसों में क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। यात्रियों ने मनमाना किराया वसूलने और चालक-परिचालकों के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें बताई हैं। ऐसे में बसों की यात्री क्षमता और किराया व्यवस्था की जांच जरूरी है।
बसों की डिग्गियों में सामान ले जाने को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि किसी अवैध गतिविधि की पुष्टि नहीं हुई है। नियमित जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।









