- Google DeepMind के पूर्व वैज्ञानिक बिलाल चुगताई ने AI को लेकर जताई चिंता
- कहा- AI के खतरों को रोकने के लिए समय बहुत कम बचा
- AGI और स्वायत्त हथियारों को बताया संभावित बड़ा खतरा
Google DeepMind के पूर्व वैज्ञानिक बिलाल चुगताई ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर AI का विकास सही तरीके से नियंत्रित नहीं किया गया तो यह पूरी मानव जाति के लिए खतरा बन सकती है।
चुगताई ने इस्तीफा देने के बाद AI से जुड़े संभावित खतरों को लेकर चिंता जताई और कहा कि इसे रोकने के लिए दुनिया के पास समय बहुत कम बचा है।
AI के इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान होने का डर
AI को लेकर सबसे बड़ी चिंता भविष्य में ऐसी मशीनों के बनने की है, जो इंसानों से ज्यादा बुद्धिमान और सक्षम हो सकती हैं। इसे आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस यानी AGI कहा जाता है।
फिलहाल AI सिस्टम इंसानों के दिए निर्देशों के आधार पर काम करते हैं। लेकिन अगर भविष्य में मशीनें इंसानी क्षमता से आगे निकल गईं और उनके व्यवहार पर पर्याप्त नियंत्रण नहीं रहा, तो यह बड़ी चुनौती बन सकती है।
कंट्रोल खोने की आशंका
चुगताई की चेतावनी का एक अहम हिस्सा AI पर इंसानी नियंत्रण से जुड़ा है। आशंका है कि बेहद उन्नत AI सिस्टम भविष्य में ऐसे फैसले लेने में सक्षम हो सकते हैं, जिन्हें इंसान पूरी तरह समझ या नियंत्रित न कर पाए।
इसी वजह से AI के विकास के साथ सुरक्षा, नियंत्रण और जिम्मेदार इस्तेमाल को लेकर नियम बनाने की जरूरत पर लगातार चर्चा हो रही है।
स्वायत्त हथियार भी बड़ी चिंता
AI से जुड़े संभावित खतरों में स्वायत्त हथियारों को भी शामिल किया जाता है। ऐसे सिस्टम ड्रोन या दूसरे हथियारों को इंसानी हस्तक्षेप के बिना कुछ फैसले लेने में सक्षम बना सकते हैं।
अगर किसी हथियार प्रणाली को यह तय करने की क्षमता मिल जाए कि किस लक्ष्य पर हमला करना है, तो इसके गलत इस्तेमाल या तकनीकी गड़बड़ी का खतरा गंभीर हो सकता है।









