- राम मंदिर के CCTV में चढ़ावा चोरी की 105 घटनाएं कैद
- SIT ने सुप्रीम कोर्ट में जांच की स्टेटस रिपोर्ट पेश की
- CCTV और अन्य सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान
- चढ़ावे की रसीदें सॉफ्टवेयर से तैयार होने की जानकारी
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। कोर्ट को बताया गया कि मंदिर के CCTV फुटेज में चढ़ावा चोरी की 70 नहीं, बल्कि 105 संदिग्ध घटनाएं कैद हुई हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की स्टेटस रिपोर्ट के आधार पर कोर्ट को जांच की जानकारी दी।
तुषार मेहता ने बताया कि SIT की जांच लगभग पूरी हो चुकी है। टीम ने CCTV फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान की है। उन्होंने बताया कि मंदिर में चढ़ावे और कीमती सामान की रसीदें सॉफ्टवेयर के जरिए तैयार की जाती हैं, जबकि सामान को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के लॉकर में रखा जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने SIT की स्टेटस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया है।
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पहले जांच में मिली थीं करीब 70 संदिग्ध घटनाएं
इससे पहले 23 जून को पहली SIT ने अपनी प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्रदेश सरकार को सौंपी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच मंदिर के CCTV फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं सामने आई थीं। फुटेज में पुलिस की गिरफ्त में आए आठ आरोपी नोटों की गड्डियां जेब और जूतों में छिपाते हुए दिखाई दिए थे।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मामले की जांच के लिए दूसरी SIT गठित की गई। दूसरी SIT अब मामले से जुड़े CCTV फुटेज, गवाहों और अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।









