इस्लामाबाद। अमेरिकी ड्रोन कंपनी Powerus ने पाकिस्तान की सेना के साथ ड्रोन और स्वायत्त रक्षा तकनीक को लेकर समझौता किया है। कंपनी के मुताबिक, पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने उसे मानव रहित हवाई प्रणालियों (UAS) से जुड़ा एक शुरुआती ऑर्डर भी दिया है। इस समझौते की खास बात यह है कि Powerus का जल्द ही ऐसी कंपनी के साथ विलय होने वाला है, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप निवेशक हैं।
आसिम मुनीर से हुई मुलाकात
16 सितंबर को Powerus के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर में मुलाकात की थी।
पाकिस्तानी सेना की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, बैठक में रक्षा खरीद, उत्पादन और दीर्घकालिक क्षमता निर्माण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। Powerus ने बाद में बताया कि इसी बातचीत के बाद पाकिस्तान की सेना के साथ रणनीतिक MoU हुआ।
ड्रोन खरीद के साथ उत्पादन पर भी चर्चा
Powerus के अनुसार, पाकिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने मानव रहित हवाई प्रणालियों और उनसे जुड़ी सेवाओं के लिए एक सीमित खरीद ऑर्डर दिया है। हालांकि, ऑर्डर की कीमत और इसमें शामिल ड्रोन के मॉडल या क्षमताओं का खुलासा नहीं किया गया है।
कंपनी ने यह भी कहा है कि MoU भविष्य में मानव रहित और स्वायत्त रक्षा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग का ढांचा तैयार करता है। इसके तहत पाकिस्तान में तकनीक विकसित करने या उत्पादन की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, MoU खुद किसी निश्चित खरीद या उत्पादन की बाध्यता नहीं बनाता और आगे के कार्यक्रमों के लिए अलग समझौतों और सरकारी मंजूरी की जरूरत होगी।
ट्रंप के बेटों से कैसे जुड़ी है कंपनी?
Powerus का जल्द ही Aureus Greenway Holdings के साथ विलय प्रस्तावित है। अमेरिकी नियामकीय रिकॉर्ड के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप American Ventures नाम के निवेश माध्यम के जरिए Aureus में हिस्सेदारी रखते हैं। विलय के बाद इस निवेश माध्यम की संयुक्त कंपनी में करीब 9.9 फीसदी लाभकारी हिस्सेदारी होने की उम्मीद है।
हालांकि, ट्रंप परिवार और Powerus दोनों का कहना है कि ट्रंप के बेटे कंपनी के संचालन या रक्षा सौदों की बातचीत में शामिल नहीं हैं। डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के प्रवक्ता ने भी कहा है कि वह Powerus में निष्क्रिय निवेशक हैं और उन्हें पाकिस्तान के इस समझौते की पहले से जानकारी नहीं थी। व्हाइट हाउस ने भी किसी हितों के टकराव से इनकार किया है।









