- गुरुवार को भी जारी रहा CHO का धरना
- सरकार के साथ बैठक के फैसले का इंतजार
- CHO कैडर बनाने की मांग
लखनऊ। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) का धरना गुरुवार को भी जारी रहा। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सरकार के साथ उनकी मांगों पर सहमति नहीं बनती, तब तक धरना जारी रहेगा। गुरुवार को बड़ी संख्या में सीएचओ की नजर शासन के साथ होने वाली बैठक के फैसले पर रही।
सीएचओ अर्जुन यादव, रोहित शर्मा और विजय प्रताप ने बताया कि संगठन लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन का ध्यान आकर्षित कर रहा है। उनका कहना है कि मांगों का समाधान नहीं होने के कारण अधिकारियों को धरने पर बैठना पड़ा है।
CHO कैडर निर्माण की प्रमुख मांग
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की प्रमुख मांगों में CHO कैडर का निर्माण शामिल है। इसके साथ ही नियमितीकरण और स्थायीकरण, सम्मानजनक वेतन तथा सेवा शर्तों में सुधार की मांग भी की जा रही है।
सीएचओ का कहना है कि वे ग्रामीण और प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे में उनकी सेवा शर्तों और भविष्य को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
नियमितीकरण और वेतन को लेकर मांग
प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों ने नियमितीकरण और स्थायीकरण के साथ सम्मानजनक वेतन की मांग उठाई है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा देने के बावजूद उनकी मांगों पर अभी तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
अधिकारियों ने सेवा शर्तों में सुधार की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।
केंद्र की गाइडलाइन का दिया हवाला
सीएचओ का कहना है कि केंद्र सरकार की ओर से राज्य सरकार को पहले ही संबंधित गाइडलाइन दी जा चुकी है। इसके बावजूद राज्य स्तर पर उनकी मांगों को लेकर बार-बार आश्वासन ही मिल रहा है।
अधिकारियों का कहना है कि अब उनकी नजर बैठक में होने वाले निर्णय पर है। उनका कहना है कि यदि मांगों पर सकारात्मक सहमति बनती है तो आंदोलन को लेकर आगे का फैसला लिया जाएगा।
बैठक के फैसले का इंतजार
गुरुवार का दिन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए अहम रहा। सभी की नजर शासन के साथ होने वाली बैठक पर टिकी रही। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बैठक में मांगों पर क्या निर्णय होता है, इसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी।









