लखनऊ। राजधानी के राजेंद्र नगर और ऐशबाग स्थित ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी कंपनी के कर्मचारियों ने वेतन में कटौती और काम से रोके जाने के खिलाफ आवाज उठाई है। कर्मचारियों का आरोप है कि मेहनताने में लगातार कटौती किए जाने की शिकायत स्टोर मैनेजर से करने के बाद उन्हें काम करने से रोक दिया गया। इतना ही नहीं, उनकी वर्क आईडी भी ब्लॉक कर दी गई। इससे दर्जनों कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
शिकायत के बाद वर्क आईडी ब्लॉक करने का आरोप
कर्मचारियों के मुताबिक, वे कंपनी में काम कर रहे थे, लेकिन उन्हें मिलने वाले मेहनताने में लगातार कटौती की जा रही थी। इस समस्या को लेकर उन्होंने स्टोर मैनेजर से शिकायत की और समाधान की मांग की। आरोप है कि शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें काम से रोक दिया गया और उनकी वर्क आईडी ब्लॉक कर दी गई। इसके चलते कर्मचारी काम करने में असमर्थ हो गए हैं।
दर्जनों कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट
प्रभावित कर्मचारियों का कहना है कि काम बंद होने से उनकी आय का जरिया छिन गया है। वेतन कटौती की समस्या उठाने के बाद काम से रोके जाने के कारण उनके सामने परिवार का खर्च चलाने की चुनौती खड़ी हो गई है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत का समाधान करने के बजाय उनके काम पर ही रोक लगा दी गई।
श्रम विभाग से न्याय की गुहार
पीड़ित कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन और श्रम विभाग से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि ब्लॉक की गई वर्क आईडी तत्काल चालू कराई जाए, ताकि वे दोबारा काम कर सकें। इसके साथ ही वेतन में की गई कटौती की जांच कराई जाए और यदि मेहनताने की राशि बकाया है, तो उसे वापस दिलाया जाए।
फिलहाल कर्मचारियों को अपनी शिकायत पर कार्रवाई और वर्क आईडी बहाल होने का इंतजार है। कंपनी प्रबंधन का पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।









