ऑपरेशन सिंदूर में 1,200 किमी के मोर्चे पर किए सटीक हमले: वायुसेना प्रमुख

एपी सिंह बोले- वायुसेना की पहुंच से कोई लक्ष्य बाहर नहीं, 2047 तक तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर एयरोस्पेस शक्ति बनने का लक्ष्य

नई दिल्ली। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने पश्चिमी मोर्चे पर करीब 1,200 किलोमीटर चौड़े क्षेत्र में 200 किलोमीटर तक की गहराई में सटीक हमले किए। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने साबित किया कि वायुसेना की पहुंच से कोई भी लक्ष्य बाहर नहीं है। एपी सिंह ने यह बात पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कही।

ऑपरेशन सिंदूर से मिले कई अहम सबक

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने देश की सुरक्षा में वायु शक्ति की अहम भूमिका को फिर रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अभियान से यह सबक मिला कि सैन्य रणनीति में कई विकल्प तैयार रखना जरूरी है। दुश्मन की रणनीति में बदलाव होने पर तेजी से उसके अनुरूप खुद को ढालने की क्षमता भी होनी चाहिए।

कई सैन्य क्षमताओं ने मिलकर दिलाई सफलता

एपी सिंह के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता किसी एक हथियार या विमान पर निर्भर नहीं थी। इसमें सटीक खुफिया जानकारी, आपस में जुड़े सैन्य नेटवर्क, लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, मजबूत वायु रक्षा प्रणाली और ड्रोन को रोकने की क्षमता ने मिलकर भूमिका निभाई।

लड़ाकू विमानों और आधुनिक तकनीक पर जोर

वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए वायुसेना को अपनी युद्ध क्षमता बढ़ानी होगी। इसके लिए लड़ाकू विमानों और सैन्य संसाधनों की संख्या बढ़ाने के साथ खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, ड्रोन रोधी प्रणालियों और नेटवर्क आधारित संचालन को मजबूत करना होगा। उन्होंने सैन्य फैसले लेने की प्रक्रिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाने पर भी जोर दिया।

2047 तक आत्मनिर्भर एयरोस्पेस शक्ति बनने का लक्ष्य

एपी सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना का विजन 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ा है। विकसित भारत के लिए देश का सुरक्षित और संकटों का सामना करने में सक्षम होना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारतीय वायुसेना को दुनिया की सक्षम, नवाचारी और तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर एयरोस्पेस सेनाओं में शामिल करने का लक्ष्य है। ऐसी वायुसेना, जो देश की सुरक्षा के साथ उसकी प्रगति में भी योगदान दे सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button