लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस की जमीन पर भूमाफिया के कब्जे का एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि भूमाफिया ने पुलिस के नाम दर्ज जमीन अपने नाम करा ली थी, लेकिन यूपी पुलिस मौन बनी रही। उन्होंने कहा, “मैं होता तो उसे बुलाता, दो किक मारता और जमीन खाली कराता।” सीएम ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि आज अपराधी एक चौराहे पर अपराध करता है और अगले चौराहे पर ढेर हो जाता है।
सीआईडी सीरियल का जिक्र कर समझाया फॉरेंसिक का महत्व
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में टीवी सीरियल ‘सीआईडी’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले परिवार के लोग साथ बैठकर टीवी देखते थे। सीआईडी में हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए डॉक्टर और जांचकर्ता बाल या उंगलियों के निशान जैसे साक्ष्यों की मदद लेते थे। उस समय यह किसी सपने जैसा लगता था, लेकिन आज फॉरेंसिक विज्ञान के जरिए ऐसी जांच को वास्तविकता में बदला जा रहा है।
योगी ने कहा कि पहले परिवार के सदस्य साथ बैठकर सीरियल देखते थे, जबकि आज एक ही छत के नीचे रहने वाले लोगों की दिशाएं अलग-अलग हो गई हैं। उनके मुताबिक, परिवारों में पहले जैसी सामूहिकता कम होती दिखाई दे रही है।
फॉरेंसिक विज्ञान और आधुनिक जांच पर जोर
मुख्यमंत्री ने फॉरेंसिक जांच की भूमिका का उल्लेख करते हुए बताया कि वैज्ञानिक साक्ष्य अपराध की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाल, उंगलियों के निशान और अन्य साक्ष्यों की मदद से जांच को अधिक सटीक बनाने में सहायता मिलती है।
टेकसंगम सम्मेलन में पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) में आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संवाद-2026 के टेकसंगम सम्मेलन के दूसरे दिन उद्घाटन सत्र में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने LEXQ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की शुरुआत की और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन कंस्ट्रक्शन’ पुस्तक का विमोचन किया।









