वॉशिंगटन। अमेरिका ने ईरान के तेल कारोबार में मदद करने के आरोप में चार भारतीय नागरिकों और उनसे जुड़ी नौ कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। प्रतिबंधों की सूची में चंडीगढ़ के रहने वाले एक कारोबारी दंपती भी शामिल हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के मुताबिक, इन लोगों पर ईरान के गुप्त तेल जहाजों यानी ‘शैडो फ्लीट’ को दूसरे देशों के झंडे और फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने का आरोप है।
अमेरिका का दावा है कि इस नेटवर्क की मदद से ईरानी तेल ले जाने वाले जहाजों की असली पहचान छिपाई जाती थी। इससे जहाज अमेरिकी प्रतिबंधों से बचकर समुद्र में तेल का परिवहन कर पाते थे।
कारोबारी दंपती समेत चार भारतीयों के नाम शामिल
अमेरिकी प्रतिबंधों की सूची में चंडीगढ़ निवासी सुनील कुमार शर्मा, उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति शाहिद, अश्वनी कुमार धीमान और इशविंदर सिंह के नाम शामिल हैं। इनके अलावा भारत में पंजीकृत आठ कंपनियों और सिंगापुर में पंजीकृत एक कंपनी पर भी कार्रवाई की गई है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी कथित तौर पर फर्जी वेबसाइटों और संस्थाओं के माध्यम से जहाजों को दूसरे देशों का रजिस्ट्रेशन दिलाने का काम करते थे। आरोप है कि इसके लिए गुयाना और मोजाम्बिक जैसे देशों के नाम का इस्तेमाल किया जाता था, जबकि संबंधित देशों की सरकारों से इसकी मंजूरी नहीं ली गई थी।
दूसरे देशों के झंडे लगाकर समुद्र में चलते थे जहाज
अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि फर्जी रजिस्ट्रेशन के जरिए ईरानी तेल ले जाने वाले जहाजों की वास्तविक पहचान छिपाई जाती थी। जहाज दूसरे देशों के झंडे के साथ समुद्र में चलते थे, जिससे उनके असली मालिक और उनके देश से संबंध का पता लगाना मुश्किल हो जाता था।
इस व्यवस्था के कारण निगरानी एजेंसियों के लिए जहाजों की गतिविधियों पर नजर रखना और उन्हें पकड़ना भी कठिन हो जाता था। अमेरिका का कहना है कि इस नेटवर्क ने ईरान के तेल परिवहन से जुड़े प्रतिबंधों को दरकिनार करने में मदद की।









