
- पंचायत सचिवों पर जिला प्रशासन सख्त
- 10 सचिवों की वेतन वृद्धि रोकी गई
- ई-ग्राम स्वराज पोर्टल नियमों की अनदेखी
- पंचायत गेटवे से भुगतान नहीं करने का आरोप
- कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया
अंबेडकरनगर। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के भुगतान और ऑनलाइन प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले पंचायत सचिवों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ई-ग्राम स्वराज पोर्टल और पंचायत गेटवे प्रणाली के तहत निर्धारित नियमों का पालन न करने पर जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र कुमार पांडेय ने जिले के 10 पंचायत सचिवों की वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से रोक दी है। विभागीय कार्रवाई के बाद पंचायत विभाग में हलचल तेज हो गई है।
ऑनलाइन व्यवस्था को दरकिनार करने पर हुई कार्रवाई
पंचायतीराज निदेशालय, उत्तर प्रदेश की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार ग्राम पंचायतों में कराए जाने वाले सभी विकास कार्यों की प्रविष्टि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज की जानी है। इसके बाद भुगतान केवल पंचायत गेटवे पोर्टल के माध्यम से ही किया जाना निर्धारित है।
जांच में सामने आया कि कुछ ग्राम पंचायतों में कार्ययोजना के अनुरूप भुगतान प्रक्रिया अपनाने के बजाय अन्य माध्यमों से भुगतान किया गया। इसे शासन की पारदर्शी वित्तीय प्रणाली का उल्लंघन माना गया। मामले को गंभीर मानते हुए निदेशक पंचायतीराज कार्यालय की ओर से संबंधित सचिवों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए थे।
स्पष्टीकरण न देने पर बढ़ी कार्रवाई
जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय की ओर से 17 अप्रैल को संबंधित पंचायत सचिवों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी सचिवों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। इसे प्रशासन ने गंभीर लापरवाही और आदेशों की अवहेलना माना। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 की एक वेतन वृद्धि अस्थायी रूप से रोकने की कार्रवाई की गई।









