
- भूसा कलेक्शन आदेश पर बरेली शिक्षा विभाग में कार्रवाई
- बीईओ सत्यदेव जिला मुख्यालय से अटैच
- शिक्षकों पर भूसा दान का बनाया गया था दबाव
- आदेश वायरल होने के बाद विभाग की हुई किरकिरी
बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा भूसा कलेक्शन को लेकर जारी विवादित आदेश के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया पर आदेश वायरल होने और मामले के तूल पकड़ने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉक्टर विनीता ने नवाबगंज के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) सत्यदेव को जिला मुख्यालय से अटैच कर दिया है।
बीईओ पर बिना सोचे-समझे त्रुटिपूर्ण आदेश जारी करने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही बीएसए की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। आदेश वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग की जमकर किरकिरी हुई थी, जिसके बाद आनन-फानन में आदेश को वापस लेना पड़ा।
मामले पर सफाई देते हुए बीएसए डॉक्टर विनीता ने कहा कि भूसा इकट्ठा करना किसी भी शिक्षक की बाध्यता नहीं है। यह पूरी तरह स्वेच्छा और जनसेवा पर आधारित कार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की ओर से शिक्षकों पर किसी प्रकार का दबाव बनाने का निर्देश नहीं दिया गया था।
दरअसल, नवाबगंज ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए भूसा दान करने का निर्देश दिया गया था। आदेश में प्रत्येक विद्यालय को 46 किलोग्राम भूसा जमा करने का लक्ष्य दिया गया था।
इतना ही नहीं, आदेश में यह भी चेतावनी दी गई थी कि निर्देश का पालन नहीं करने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। आदेश सामने आने के बाद शिक्षक संगठनों और सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे तुगलकी फरमान बताते हुए विरोध जताया था।









