अंबेडकरनगर। वित्तीय वर्ष 2026-27 की विकास कार्ययोजना में अब शासन की प्राथमिकता वाले काम पहले शामिल किए जाएंगे। कायाकल्प, बाउंड्रीवॉल निर्माण और गोशाला से जुड़े कार्यों को पहली प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में खंड विकास अधिकारियों और क्षेत्र पंचायत प्रशासकों के साथ कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा हुई।
पहले तय होंगे प्राथमिकता वाले काम
मुख्य विकास अधिकारी ने शासनादेश के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों को कार्ययोजना में पहले स्थान दिया जाए। इसके बाद अन्य विकास कार्यों को शामिल किया जाए।
कायाकल्प के तहत होने वाले कार्यों के साथ बाउंड्रीवॉल निर्माण और गोशाला से जुड़े कामों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार कार्य कराने को कहा गया।
राज्य और केंद्रीय वित्त की योजना अलग-अलग
बैठक में राज्य वित्त आयोग और केंद्रीय वित्त आयोग से मिलने वाली धनराशि से कराए जाने वाले कार्यों की कार्ययोजना अलग-अलग तैयार करने के निर्देश दिए गए। दोनों योजनाओं में शासनादेश में दिए गए प्रावधानों का पालन करना होगा।
अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करते समय निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। विकास कार्यों के क्रियान्वयन में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।
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लापरवाही पर सीडीओ ने जताई सख्ती
मुख्य विकास अधिकारी ने कार्ययोजना तैयार करने और विकास कार्यों के क्रियान्वयन में लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। संबंधित अधिकारियों को कार्यों की योजना से लेकर उनके क्रियान्वयन तक निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में जिला विकास अधिकारी सबिता सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी उपेंद्र कुमार पांडेय, क्षेत्र पंचायत प्रशासक, खंड विकास अधिकारी और संबंधित अवर अभियंता मौजूद रहे।









