अकबरपुर (अंबेडकरनगर)। प्रशासनिक सीमाओं के विस्तार ने नगर पालिका परिषद अकबरपुर के कुछ किसानों के सामने नई समस्या खड़ी कर दी है। नगर क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी खेती-किसानी पर निर्भर किसान अब कृषि विभाग की निःशुल्क बोरिंग योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। इसे लेकर वार्ड संख्या 12 (अमरौला) के सम्मोपुर मोहल्ला एवं पूर्व राजस्व ग्राम सिझौली के किसानों की ओर से जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा गया है।
नगर में शामिल हुए, ग्रामीण योजनाओं से हुए बाहर
मांग पत्र में कहा गया है कि नगर पालिका परिषद की सीमा में शामिल होने के बावजूद क्षेत्र के किसानों की आजीविका का प्रमुख आधार आज भी कृषि ही है। खेतों में फसलें उग रही हैं, सिंचाई की जरूरतें बनी हुई हैं, लेकिन नगर क्षेत्र का दर्जा मिलने के बाद किसान उन योजनाओं से बाहर हो गए हैं, जिनका लाभ उन्हें पहले मिल सकता था।
सिंचाई की जरूरत बरकरार, सुविधा का रास्ता बंद
किसानों का कहना है कि कृषि विभाग की निःशुल्क बोरिंग योजना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए संचालित की जा रही है। नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने के कारण स्थानीय किसानों को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर नगर निकाय की ओर से भी कृषि सिंचाई के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है।
किसानों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार
सम्मोपुर निवासी अमरीश त्रिपाठी ने जिलाधिकारी को भेजे गए मांग पत्र में कहा है कि नगर क्षेत्र में स्थित कृषि भूमि वाले किसानों को भी निःशुल्क बोरिंग योजना तथा अन्य सिंचाई संबंधी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए शासन स्तर पर आवश्यक संस्तुति भेजे जाने की मांग की गई है।









