अम्बेडकरनगर। जिले में अमृत सरोवरों को केवल जल संरक्षण तक सीमित न रखकर उन्हें ग्रामीणों के लिए आकर्षक और उपयोगी सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने की कवायद तेज हो गई है। शनिवार को जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने टांडा और आलापुर तहसील के विभिन्न गांवों में पहुंचकर अमृत सरोवरों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति देखी और अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
हर्रैया और बेलापरसा में विकास कार्यों की समीक्षा
जिलाधिकारी ने विकासखंड बसखारी की ग्राम पंचायत हर्रैया और बेलापरसा स्थित अमृत सरोवरों का निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों सरोवरों के चारों ओर पाथवे बनाने, बैठने के लिए बेंच लगाने और बच्चों के लिए खेल उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सरोवरों का विकास इस प्रकार किया जाए कि यहां ग्रामीणों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।
रामपुर इंडीपिंडी में जल गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर
इसके बाद जिलाधिकारी विकासखंड रामनगर की ग्राम पंचायत रामपुर इंडीपिंडी पहुंचीं। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि नालियों का पानी सरोवर की ओर जा सकता है। इस पर उन्होंने सोकपिट का निर्माण कर गंदे पानी का प्रवाह रोकने के निर्देश दिए। साथ ही सरोवर के सौंदर्यीकरण और नियमित रखरखाव पर भी जोर दिया।
इंदईपुर में भी दिए सुधार के निर्देश
ग्राम पंचायत इंदईपुर स्थित अमृत सरोवर का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, हरियाली और जनसुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अमृत सरोवरों का विकास निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए और किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता न हो।









