अंबेडकरनगर। ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप होने और निर्वाचित प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद बनी स्थिति को लेकर अखिल भारतीय प्रधान संगठन ने सोमवार को विरोध जताया। जिलाध्यक्ष राजबहादुर यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रधान कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को आठ सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रधानों ने कहा कि पंचायतों में विकास कार्यों की रफ्तार रुकने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पंचायतों के संचालन को लेकर जल्द स्पष्ट व्यवस्था लागू करने की मांग की।
चार महीने से विकास कार्य प्रभावित होने का आरोप
प्रधान संगठन ने आरोप लगाया कि करीब चार महीने से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य लगभग ठप हैं। सड़क, नाली और अन्य जरूरी कामों पर इसका असर पड़ रहा है।
संगठन का कहना है कि निर्वाचित प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इससे विकास योजनाओं के संचालन में दिक्कत आ रही है।
प्रशासकों की नियुक्ति पर स्पष्ट निर्देश की मांग
प्रधानों ने मांग की कि प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर सरकार स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करे। प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तथा अधिकार भी स्पष्ट किए जाने की मांग की गई।
ज्ञापन में प्रशासकों को नियमित मानदेय देने की मांग भी शामिल है।
मनरेगा के लंबित भुगतान का मुद्दा उठाया
प्रधान संगठन ने मनरेगा के लंबित भुगतान को जल्द जारी करने की मांग की। संगठन के अनुसार, भुगतान लंबित होने से पंचायतों में कराए जाने वाले कार्य प्रभावित हो रहे हैं।









