CJP को विदेशी फंडिंग के आरोप, जितेंद्र सिंह बोले- अधिकारियों के पास सबूत

केंद्रीय मंत्री ने अभिजीत दीपके को अमेरिकी डोनर और आशुतोष रांका को पाकिस्तानी नेताओं से पैसा मिलने का दावा किया; दिल्ली पुलिस ने दो लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजा

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को कथित विदेशी फंडिंग मिलने का मामला एक बार फिर चर्चा में है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को दावा किया कि अधिकारियों के पास CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका को विदेशी स्रोतों से पैसा मिलने के सबूत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिजीत को अमेरिका के डोनर से, जबकि आशुतोष को पाकिस्तानी नेताओं से फंडिंग मिल रही है।

हालांकि, इन आरोपों के संबंध में सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई गई जानकारी में फंडिंग के लेन-देन का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री के दावे और उनकी स्वतंत्र पुष्टि के बीच अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।

दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को भेजा समन

इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सौरव दास और आशुतोष रांका को समन भेजा है। दोनों को गुरुवार दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच के कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।

पुलिस की ओर से भेजे गए समन के बाद CJP से जुड़े लोगों की भूमिका और फंडिंग के आरोपों को लेकर मामला और चर्चा में आ गया है। फिलहाल पूछताछ में क्या जानकारी सामने आती है, इस पर नजर रहेगी।

जुलाई में प्रदर्शन के बाद उठे थे विदेशी फंडिंग के सवाल

CJP की फंडिंग को लेकर पहली बार जुलाई 2026 में सवाल उठे थे। पार्टी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया था कि इस आंदोलन के पीछे भारत विरोधी विदेशी ताकतें हैं।

इसके बाद 24 जुलाई को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से भी इस मामले पर सवाल किया गया था। उन्होंने कहा था कि विदेश मंत्रालय के पास इस विषय में साझा करने के लिए कोई जानकारी नहीं है।

दिल्ली हाईकोर्ट में NIA जांच की मांग

जुलाई-अगस्त 2026 के दौरान एक याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसमें CJP के प्रदर्शन में कथित विदेशी फंडिंग की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जांच कराने की मांग की गई थी।

इसके बाद अक्टूबर में भी यह मामला चर्चा में आया। 14 अक्टूबर को अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि अमेरिका में रहने वाले कुछ डोनर CJP और अभिजीत दीपके को पैसे दे रहे हैं। हालांकि, सार्वजनिक रिपोर्टों में उस समय तक कथित दानदाताओं के नाम या पैसों के लेन-देन से जुड़े प्रमाण सामने नहीं आए थे।

छात्रों की कानूनी मदद के लिए बनाया गया है फंड

CJP ने पेपर लीक आंदोलन के बाद आपराधिक मामलों का सामना कर रहे छात्रों की कानूनी सहायता के लिए एक फंड बनाया है। इस फंड का उद्देश्य आंदोलन से जुड़े मामलों में कानूनी कार्रवाई का सामना कर रहे छात्रों को मदद उपलब्ध कराना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button