
- गांव से शहर तक निर्बाध बिजली सप्लाई के निर्देश
- उपभोक्ताओं को समय पर जानकारी देने पर जोर
- ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने के निर्देश
- आंधी-तूफान में भी त्वरित समाधान का आदेश
लखनऊ। में बढ़ते बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सख्त रुख अपनाया है। रविवार को ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में सीएम ने साफ कहा कि बिजली सप्लाई में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गलती मिलने पर कार्रवाई तय होगी।
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री Arvind Kumar Sharma और राज्य मंत्री Kailash Singh Rajput को फील्ड में उतरकर कंट्रोल रूम और बिजली व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांव से लेकर शहर तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
उपभोक्ताओं को समय पर दी जाए सही जानकारी
सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि यदि बिजली सप्लाई बाधित होती है तो उपभोक्ताओं को समय पर सही जानकारी दी जाए। सिर्फ शिकायत दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों को यह भी बताया जाए कि समस्या कब तक ठीक होगी। इससे आम जनता का भरोसा बढ़ेगा।
उन्होंने बिलिंग और वसूली व्यवस्था को भी बेहतर बनाने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि उपभोक्ताओं को समय पर और सही बिजली बिल मिलना बेहद जरूरी है।
ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रांसमिशन प्रणाली की क्षमता बेहद अहम है। तकनीकी बाधाओं को कम से कम रखने के लिए नेटवर्क की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की बिजली व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह और उपभोक्ता केंद्रित बनाया जाना चाहिए।
आंधी-तूफान में भी त्वरित कार्रवाई के निर्देश
सीएम योगी ने ट्रांसफॉर्मर खराब होने, फीडर बाधित होने और शिकायत निस्तारण में लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि आंधी-तूफान और भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रखा जाए।
साथ ही जहां अंडरग्राउंड केबल हैं, वहां खुदाई से पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेने को अनिवार्य बताया, ताकि बिजली सप्लाई प्रभावित न हो।









