
अमरोहा। दहेज हत्या के एक चर्चित मामले में अमरोहा की अदालत ने पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर सास, ससुर और जेठ को बरी कर दिया गया।
मामला संभल जिले के सेवड़ा जसरत नंगला निवासी किसान राजवीर सिंह की बेटी गुड्डी से जुड़ा है। गुड्डी की शादी सैदनगली थाना क्षेत्र के दामपढ़ी बड़ी गांव निवासी नौरंग के साथ हुई थी। आरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष गुड्डी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। पति नौरंग उस पर मायके से भैंस और 50 हजार रुपये लाने का दबाव बनाता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की जाती थी।
घटना 8 अगस्त 2018 की रात की है। रात करीब 9 बजे ससुराल पक्ष ने गुड्डी के भाई को फोन कर उसकी तबीयत खराब होने की सूचना दी। जब मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे तो गुड्डी का शव घर के बरामदे में पड़ा मिला। उसके गले पर दबाव के निशान पाए गए थे।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पति नौरंग, सास रामवती, ससुर रामचंद्र और जेठ नंदराम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने जांच के बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था, हालांकि बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी।
मुकदमे की सुनवाई जिला जज की अदालत में चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ने पैरवी की। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने दावा किया कि महिला की मौत छत से गिरने से हुई थी, लेकिन अदालत ने इस तर्क को खारिज कर दिया।









