लखनऊ। अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि के कथित गबन तथा वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सुनवाई संभावित है। मामला न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया और न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ के समक्ष कोर्ट नंबर-2 में सूचीबद्ध किया गया है।
याचिकाकर्ता पक्ष के अधिवक्ता मोहित अशोक शर्मा ने बताया कि मामले में मेंशनिंग कर जल्द सुनवाई का अनुरोध किया जाएगा। उनका कहना है कि यह मामला व्यापक जनहित और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसे प्राथमिकता के आधार पर सुना जाना चाहिए।
अधिवक्ता के अनुसार, यदि आवश्यकता पड़ी तो मामले को पूरक सूची में शामिल कराने का भी अनुरोध किया जाएगा। हालांकि सुनवाई कब होगी, यह पूरी तरह अदालत के विवेक और दैनिक कार्यसूची पर निर्भर करेगा।
जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि मंदिर में प्राप्त दान और चढ़ावे की राशि के उपयोग में वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। याचिकाकर्ता ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) से ऑडिट कराने की मांग की है, ताकि धन के उपयोग और प्रबंधन की निष्पक्ष जांच हो सके।
मामले की संवेदनशीलता और धार्मिक महत्व को देखते हुए अदालत के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि खंडपीठ तत्काल सुनवाई की अनुमति देती है तो याचिका पर प्रारंभिक बहस शुरू हो सकती है, अन्यथा अगली तारीख तय की जा सकती है।









