अलीगढ़। कथा व्यास जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने अलीगढ़ में आयोजित रामकथा के दौरान अलीगढ़ का नाम बदलकर ‘हरिगढ़’ करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि यदि अलीगढ़ की जनता स्वयं को रामभक्त मानती है तो शहर का नाम हरिगढ़ किया जाना चाहिए।
अकराबाद क्षेत्र के लधौआ गांव स्थित आनंद एग्रो कैम चीनी मिल परिसर में चल रही रामकथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए उन्होंने धार्मिक और सामाजिक विषयों पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि अयोध्या का गौरव वापस लौट चुका है और अब मथुरा, काशी तथा संभल जैसे धार्मिक स्थलों को लेकर भी प्रयास जारी रहेंगे।
रामभद्राचार्य ने अपने संबोधन में लव जिहाद और लैंड जिहाद जैसे मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज को जागरूक रहने की जरूरत है और विशेष रूप से महिलाओं एवं युवाओं को सतर्क रहना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अवैध कब्जों और धर्मांतरण जैसी गतिविधियों के खिलाफ समाज को एकजुट होकर खड़ा होना होगा।
कथा के दौरान उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन का भी जिक्र किया और कहा कि आंदोलन से जुड़े लोगों के प्रयासों के परिणामस्वरूप अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण संभव हुआ। उन्होंने इस उपलब्धि को भगवान राम की कृपा और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का परिणाम बताया।
रामकथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान धार्मिक भजनों, प्रवचनों और सामाजिक विषयों पर चर्चा की गई।









