मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर ने रचा नया कीर्तिमान

ऑर्थोपेडिक विभाग को मिली राष्ट्रीय मान्यता, एनबीईएमएस से पांच वर्षों की एक्रिडिटेशन, अब जिले में ही तैयार होंगे हड्डी रोग विशेषज्ञ

अम्बेडकरनगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि अपने नाम दर्ज की है। मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभाग को नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशंस इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) से पांच वर्षों के लिए प्रोविजनल एक्रिडिटेशन प्राप्त हुआ है। इस मान्यता के साथ विभाग में डीएनबी पोस्ट एमबीबीएस पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा और हर वर्ष दो चिकित्सकों को स्नातकोत्तर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

जनवरी 2026 से दिसंबर 2030 तक प्रभावी यह मान्यता मेडिकल कॉलेज के लिए बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि मानी जा रही है। इससे न केवल विभाग की शैक्षणिक क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, बल्कि जिले में विशेषज्ञ चिकित्सा प्रशिक्षण का दायरा भी बढ़ेगा।

राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरा ऑर्थोपेडिक विभाग

एनबीईएमएस द्वारा एक्रिडिटेशन प्रदान किया जाना किसी भी संस्थान के लिए गुणवत्ता, संसाधनों और प्रशिक्षण क्षमता का महत्वपूर्ण प्रमाण माना जाता है। ऑर्थोपेडिक विभाग ने आवश्यक मानकों को पूरा करते हुए यह उपलब्धि हासिल की है। इसके बाद विभाग में नियमित रूप से डीएनबी प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि पीजी प्रशिक्षण शुरू होने से विभाग में शैक्षणिक गतिविधियां बढ़ेंगी और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों को और मजबूती मिलेगी।

फैकल्टी को भी मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान

इस उपलब्धि के साथ विभागाध्यक्ष एवं सह आचार्य डॉ. जावेद अहमद तथा सहायक आचार्य डॉ. विवेक श्रीवास्तव को राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा फैकल्टी के रूप में मान्यता प्रदान की गई है। इससे विभाग की शैक्षणिक संरचना और मजबूत हुई है।

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