
टांडा में सामान्य सुविधा केंद्र (CFC) टांडा टेक्सटाइल एसोसिएशन का जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न मशीनों की कार्यप्रणाली और उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के समय रेपियर लूम, वायरपीन और कॉर्निंग मशीनों का संचालन देखा गया। केंद्र में स्कूल ड्रेस, लोई और गमछा सहित विभिन्न वस्त्रों का उत्पादन किया जा रहा था।
मशीन अपग्रेड और आधुनिक तकनीक पर जोर
जिलाधिकारी ने वायरपीन मशीन को और आधुनिक बनाने के लिए PLC जैसे उपकरणों के उपयोग का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी सुधार से उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार संभव है।
इसके साथ ही उन्होंने CFC में हैंडलूम सेक्टर को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक हथकरघा को आधुनिक तकनीक से जोड़कर स्थानीय कारीगरों को अधिक अवसर दिए जा सकते हैं।
उत्पादों का किया अवलोकन
निरीक्षण के दौरान CFC में तैयार सभी उत्पादों का भी अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने उत्पादन की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
इसके बाद जिलाधिकारी ने सकरावल पूर्वी क्षेत्र में स्थित दो पावर लूम इकाइयों का भी निरीक्षण किया। वहां चल रहे उत्पादन कार्य की स्थिति देखी गई और संबंधित जानकारी ली गई।
अधिकारी और उद्योग प्रतिनिधि रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान ज्वॉइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी अकबरपुर प्रतीक्षा सिंह, उपजिलाधिकारी टांडा शशि शेखर, सहायक आयुक्त उद्योग अजय कुमार शर्मा, उद्यमी मित्र अखिलेश पटेल, निदेशक टांडा टेक्सटाइल अशिशी कासिम अंसारी और CFC के सदस्य मौजूद रहे।









