
नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। पूरे वित्त वर्ष के दौरान देश की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर 7.7% दर्ज की गई, जो सरकार द्वारा फरवरी में लगाए गए 7.6% के अनुमान से अधिक है।
इसके मुकाबले वित्त वर्ष 2024-25 में GDP वृद्धि दर 7.1% रही थी। इस तरह चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास की गति में सुधार देखने को मिला है।
जनवरी से मार्च 2026 की चौथी तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8% की दर से बढ़ी। हालांकि यह आंकड़ा मजबूत रहा, लेकिन तीसरी तिमाही की 8% वृद्धि दर की तुलना में इसमें हल्की गिरावट दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की विकास दर में कमी इसका प्रमुख कारण रही। इस क्षेत्र की वृद्धि दर 12.8% से घटकर 7.3% रह गई, जिससे आर्थिक गतिविधियों की रफ्तार कुछ धीमी हुई।
इस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अगले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए आर्थिक विकास दर का अनुमान भी जारी किया है। केंद्रीय बैंक के अनुसार अगले साल GDP ग्रोथ घटकर 6.6% रह सकती है। यानी मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में आर्थिक विकास की रफ्तार लगभग 1.1 प्रतिशत अंक कम होने का अनुमान है।
हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, घरेलू मांग और निवेश गतिविधियों के आधार पर आने वाले समय में विकास दर के अनुमान में बदलाव संभव है।









