नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में उस समय अफरातफरी मच गई, जब को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट के अंदर हमला कर दिया। हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। गंभीर रूप से घायल कैप्टन ने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद विमान में मौजूद यात्रियों और दो अतिरिक्त पायलटों को अंदर पहुंचने का मौका मिला। इसके बाद विमान का नियंत्रण संभाल लिया गया और उसे सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। विमान में 174 लोग सवार थे।
हमले के बाद तेजी से नीचे जाने लगा विमान
रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाइट करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई पर थी, तभी दोनों पायलटों के बीच कॉकपिट में झड़प हुई। इस दौरान विमान तेजी से नीचे जाने लगा। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की।
यात्रियों को कुछ देर तक नहीं मिली जानकारी
विमान का नियंत्रण संभालने के बाद भी यात्रियों को कुछ समय तक कॉकपिट से कोई जानकारी नहीं दी गई। इससे विमान में सवार लोगों की चिंता और बढ़ गई। यात्रियों को यह पता नहीं था कि कॉकपिट में कौन पायलट मौजूद है और विमान को किस दिशा में ले जाया जा रहा है।
कुछ यात्रियों को आशंका होने लगी कि कहीं विमान का अपहरण कर उसे ईरान की ओर न ले जाया जा रहा हो। करीब 45 मिनट बाद पायलटों ने यात्रियों को बताया कि विमान को सऊदी अरब के तबुक में उतारा जाएगा और स्थिति नियंत्रण में है। इसके बाद यात्रियों को राहत मिली।
यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में की मदद
विमान में आगे बैठे यात्री डेनियल श्लिक्टर ने घटना के बारे में बताया कि कॉकपिट से चीख-पुकार सुनकर यात्रियों को पता चला कि वहां गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। उनके मुताबिक, कैप्टन घायल हो चुके थे और कॉकपिट में खून फैला हुआ था।
कैप्टन ने दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों को अंदर आने का मौका दिया। एक यात्री ने कथित हमलावर को पकड़कर कॉकपिट से बाहर खींचने में मदद की, जबकि अन्य लोगों ने उसे काबू किया। इसके बाद दो अतिरिक्त पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान का नियंत्रण संभाला।
हमलावर की पहचान और मंशा जांच के दायरे में
फ्लाईदुबई ने शुरुआती तौर पर घटना को फ्लाइट डेक में हुई ‘altercation’ बताया था और जांच पूरी होने तक अटकलों से बचने की अपील की थी। बाद की रिपोर्टों में हमलावर को ओमानी नागरिक बताया गया है, लेकिन उसकी मंशा और घटना की पूरी पृष्ठभूमि को लेकर जांच जारी है। UAE, सऊदी अरब और इजराइल की एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं।
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भारतीय कैप्टन की हालत में सुधार
हमले में घायल कैप्टन स्मित मच्छार को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक उनकी हालत में सुधार हो रहा है। घटना के बाद उनके साहस और सूझबूझ की काफी चर्चा हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल से कैप्टन मच्छार से बातचीत की थी।
घटना की जांच में अब यह भी देखा जा रहा है कि कॉकपिट के भीतर हुई हिंसा की शुरुआत कैसे हुई और हमले के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।









