नई दिल्ली। सोने की कीमतों में तेजी के बीच निवेशकों का रुझान गोल्ड ETF की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अगस्त में गोल्ड ETF में निवेश बढ़कर 2,596 करोड़ रुपये हो गया, जबकि जुलाई में इसमें 1,558 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। यानी एक महीने में निवेश में करीब 1,038 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। गोल्ड ETF ने पिछले एक साल में 35 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है।
सोने में तेजी के बीच बढ़ा निवेश
सोने की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच निवेशक गोल्ड को पोर्टफोलियो में शामिल करने पर जोर दे रहे हैं। जेफरीज के ग्लोबल इक्विटी स्ट्रैटजी हेड क्रिस वुड का मानना है कि सोने की कीमतों में आगे भी तेजी जारी रह सकती है।
हालांकि, सोने की कीमतें बाजार की परिस्थितियों के अनुसार ऊपर-नीचे होती रहती हैं। इसलिए गोल्ड ETF में निवेश से मिलने वाला रिटर्न भी निश्चित नहीं होता।
क्या होता है गोल्ड ETF?
गोल्ड ETF यानी गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड ऐसा निवेश साधन है, जिसकी कीमत मुख्य रूप से सोने के बाजार भाव से जुड़ी होती है। इसकी यूनिट्स शेयरों की तरह स्टॉक एक्सचेंज पर खरीदी और बेची जा सकती हैं।
गोल्ड ETF में निवेश करने पर आपको घर पर सोने की ईंट, सिक्का या आभूषण नहीं मिलता। इसके बजाय आपके पास ETF की यूनिट होती हैं, जिनकी कीमत सोने के बाजार भाव के साथ बदलती है। जब निवेशक अपनी यूनिट बेचता है, तो उसे उस समय की बाजार कीमत के आधार पर राशि मिलती है, जिसमें संबंधित शुल्क और अन्य लागत का असर हो सकता है।









