खाने वाले तेल की पैकिंग पर सरकार का बड़ा फैसला

अब सिर्फ तय साइज में बिकेगा कुकिंग ऑयल

नई दिल्ली। उपभोक्ताओं को अधिक पारदर्शिता और बेहतर खरीदारी विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपभोक्ता मामले विभाग (Department of Consumer Affairs) ने खाद्य तेलों के लिए स्टैंडर्ड पैक साइज अनिवार्य कर दिए हैं। यह फैसला लीगल मेट्रोलॉजी फ्रेमवर्क के तहत लिया गया है, जिससे विभिन्न ब्रांडों के बीच कीमतों की तुलना करना आसान होगा।

विभाग ने नेट क्वांटिटी और स्टैंडर्ड पैक साइज निर्धारित करने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SoP) में संशोधन किया है। नए नियमों को लागू करने के लिए तेल निर्माताओं और आयातकों को तीन महीने की अवधि दी गई है।

नई व्यवस्था के तहत अब प्रमुख खाद्य तेल केवल निर्धारित मानक पैक साइज में ही बेचे जा सकेंगे। यह नियम पाम ऑयल, सोयाबीन ऑयल, सनफ्लावर ऑयल, सरसों तेल, मूंगफली तेल, तिल तेल, राइस ब्रान ऑयल, कॉटनसीड ऑयल, कॉर्न ऑयल और सभी प्रकार के ब्लेंडेड एडिबल ऑयल्स पर लागू होगा।

नए प्रावधानों के अनुसार, यदि किसी खाद्य तेल की मात्रा लीटर या मिलीलीटर में दर्शाई जाती है, तो उसके पैकेट पर उसके समकक्ष वजन (ग्राम या किलोग्राम) की जानकारी भी स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य होगा। यह नियम घरेलू और आयातित दोनों प्रकार के खाद्य तेलों पर समान रूप से लागू रहेगा।

सरकार ने छोटे उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए कुछ छूट भी दी है। 200 मिलीलीटर या 200 ग्राम से कम पैकिंग वाले उत्पादों को इस नियम के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा कम उपयोग में आने वाले कुछ विशेष खाद्य तेलों को भी छूट प्रदान की गई है।

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