कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने चुनाव आयोग को पार्टी पदाधिकारियों और नेशनल वर्किंग कमेटी की नई सूची भेज दी है। इस सूची में ममता बनर्जी को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष, सुभ्रत बक्शी को उपाध्यक्ष और अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक यह सूची 20 जून 2026 तक की संगठनात्मक स्थिति के आधार पर तैयार की गई है।
नई सूची ऐसे समय में सामने आई है, जब पार्टी के बागी गुट ने एक दिन पहले ही समानांतर नेशनल वर्किंग कमेटी के गठन का ऐलान किया था। बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई में हुई बैठक में विधायक अरूप रॉय को अध्यक्ष चुना गया था। इसके अलावा फिरहाद हकीम, अरूप बिस्वास, रथिन घोष और सबीना यास्मीन को उपाध्यक्ष बनाया गया था।
बागी नेताओं का दावा है कि फरवरी 2022 में गठित नेशनल वर्किंग कमेटी का कार्यकाल फरवरी 2026 में समाप्त हो गया था और नई कमेटी का गठन नहीं होने के कारण उन्हें नया संगठनात्मक ढांचा तैयार करना पड़ा।
इधर, TMC ने बागी गुट में शामिल आठ नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी ने इन नेताओं पर संगठन विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया है।
चुनाव आयोग को भेजी गई सूची के अनुसार, डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन को संयुक्त सचिव बनाया गया है। 24 सदस्यीय नेशनल वर्किंग कमेटी में चंद्रिमा भट्टाचार्य, अमित मित्रा, राजेश पति त्रिपाठी, असीमा पात्रा, मलय घटक, गौतम देव, शोभनदेव चट्टोपाध्याय, मुकुल संगमा, महुआ मोइत्रा, सौगत रॉय, मदन मित्रा, बिमान बनर्जी और कुणाल घोष समेत कई वरिष्ठ नेताओं को जगह दी गई है।
TMC नेता कुणाल घोष ने बागी गुट पर पार्टी के नाम का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। वहीं सांसद सौगत रॉय ने कहा कि ममता बनर्जी ने ही पार्टी की स्थापना की है और वही इसकी सबसे बड़ी पहचान हैं।









