25 साल बाद रिटायर होगा इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन

2030 तक पृथ्वी पर गिराएगा नासा

वॉशिंगटन। पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में स्थित International Space Station अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA ने वर्ष 2028 से इसकी सेवाएं चरणबद्ध तरीके से समाप्त कर 2030 तक इसे सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर गिराने की योजना सार्वजनिक की है।

नासा ने इस प्रक्रिया के लिए करीब 1 अरब डॉलर (लगभग 9,500 करोड़ रुपए) का बजट निर्धारित किया है। इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पिछले 25 वर्षों से दुनिया की सबसे बड़ी अंतरिक्ष प्रयोगशाला के रूप में वैज्ञानिक अनुसंधान और अंतरिक्ष अभियानों का केंद्र बना हुआ है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आईएसएस अपनी निर्धारित आयु पूरी कर चुका है और इसका कार्यकाल कई बार बढ़ाया जा चुका है। हाल के वर्षों में स्टेशन में तकनीकी समस्याएं बढ़ी हैं, जबकि इसके रखरखाव और संचालन पर हर साल अरबों डॉलर खर्च हो रहे हैं। इसी वजह से नासा अब अपने संसाधनों को चंद्रमा और मंगल ग्रह से जुड़े भविष्य के मिशनों पर केंद्रित करना चाहता है।

नासा की योजना के अनुसार, लगभग 4.5 लाख किलोग्राम वजनी आईएसएस को सीधे पृथ्वी की ओर नहीं गिराया जाएगा। वर्ष 2028 के आसपास इसकी कक्षा को बनाए रखने की प्रक्रिया धीरे-धीरे बंद की जाएगी। इसके बाद एक विशेष अंतरिक्ष यान की मदद से स्टेशन को नियंत्रित तरीके से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कराया जाएगा।

वायुमंडल में प्रवेश करते समय घर्षण के कारण आईएसएस का अधिकांश हिस्सा जलकर नष्ट हो जाएगा। हालांकि, कुछ बड़े हिस्से बच सकते हैं। इन्हें सुरक्षित रूप से समुद्र में गिराने के लिए नासा ने दक्षिण प्रशांत महासागर के एक दूरस्थ क्षेत्र को चुना है।

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