लखनऊ। King George’s Medical University प्रशासन ने नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर संजीव गुप्ता को निलंबित कर दिया है। उन पर मरीजों को अस्पताल के बजाय बाहर से दवाएं और लेंस खरीदने के लिए कहने का आरोप है। मामले में उनके निजी सहायक अब्बास के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
इसी मामले में नेत्र रोग विभाग की विभागाध्यक्ष और प्रति कुलपति प्रो. (डॉ.) अपिजित कौर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री जनता दर्शन में गोरखपुर के एक मरीज द्वारा की गई शिकायत के बाद हुई जांच के आधार पर की गई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मरीज को करीब 18 हजार रुपये की दवाएं और लेंस बाहर से खरीदने के लिए कहा गया, जबकि वही सामग्री KGMU के HRF स्टोर पर 5 से 6 हजार रुपये में उपलब्ध थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासन समिति का गठन किया था।
KGMU के प्रवक्ता प्रो. केके सिंह के अनुसार जांच समिति ने 30 मरीजों के रिकॉर्ड की समीक्षा की। इनमें से 17 मरीजों ने अपने बयान और खरीदारी से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनमें अस्पताल के बाहर से दवाएं और लेंस खरीदने की पुष्टि हुई। मरीजों के बयान दर्ज करने के लिए जांच टीम गोरखपुर भी गई थी।
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रोफेसर संजीव गुप्ता को निलंबित कर दिया और आगे की विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है।









