
अंबेडकरनगर। जिला कारागार में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का संचालन सचिव (पूर्णकालिक) नीलम वर्मा ने किया। इस दौरान कारागार का निरीक्षण भी किया गया।
शिविर में कारागार अधीक्षक शिव मूरत सिंह, डिप्टी जेलर सूर्यभान सरोज, तेजवीर सिंह और शीतल जैसवाल, चिकित्साधिकारी दिग्विजय प्रताप सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी, पीएलवी और जेल कर्मियों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में बंदी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, मानवाधिकार और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित योजनाओं के बारे में भी विस्तार से बताया गया।
बीएनएसएस 479 के मामलों पर मांगी जानकारी
सचिव नीलम वर्मा ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि यदि बीएनएसएस की धारा 479 से संबंधित कोई विचाराधीन बंदी जेल में निरुद्ध है तो उसकी सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए।
इसके साथ ही ऐसे बंदियों की जानकारी भी मांगी गई जिनकी जमानत अदालत से मंजूर हो चुकी है, लेकिन जमानतदार नहीं मिलने के कारण उनकी रिहाई नहीं हो पा रही है। कहा गया कि ऐसे मामलों में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आवश्यक कार्रवाई कर बंदियों की रिहाई का प्रयास करेगा।
बंदियों से बातचीत कर जानी सुविधाओं की स्थिति
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों से सीधे बातचीत की। भोजन, स्वास्थ्य सुविधा और मुकदमों की पैरवी से जुड़े सवाल पूछे गए। यह भी जानकारी ली गई कि निःशुल्क अधिवक्ताओं द्वारा मामलों की सही तरीके से पैरवी की जा रही है या नहीं।बंदियों से टेलीफोन के माध्यम से घरवालों से बातचीत की व्यवस्था के बारे में भी पूछा गया। कई बंदियों ने बताया कि उनकी नियमित रूप से घर पर बात हो रही है।









