
अंबेडकरनगर। अंबेडकरनगर में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में संयुक्त जिला चिकित्सालय, अकबरपुर में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में तंबाकू से होने वाले नुकसान, कानूनों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव (पूर्णकालिक) नीलम वर्मा, सीएमएस डॉ. पीएन यादव, जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के जिला समन्वयक डॉ. सर्वेश कुमार गुप्ता, नामिका अधिवक्ता रामचंद्र वर्मा, एलएडीसीएस के असिस्टेंट शरद पांडेय, गुलाबी देवी सहित अस्पताल कर्मचारी और पैरालीगल स्वयंसेवक मौजूद रहे।
तंबाकू सेवन से गंभीर बीमारियों का खतरा: नीलम वर्मा
शिविर को संबोधित करते हुए सचिव नीलम वर्मा ने कहा कि तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से हानिकारक है। उन्होंने बताया कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस पहली बार 7 अप्रैल 1988 को मनाया गया था, बाद में इसे हर वर्ष 31 मई को मनाने की घोषणा की गई।
उन्होंने कहा कि इस दिवस का उद्देश्य लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना है।
हर साल लाखों मौतें, युवाओं को सतर्क रहने की सलाह
जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के समन्वयक डॉ. सर्वेश कुमार गुप्ता ने बताया कि तंबाकू सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं। दुनिया भर में हर वर्ष लगभग 70 लाख लोगों की मौत तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 की थीम “अनमासकिंग द अपील: काउंटरिंग निकोटिन एंड टोबैको प्रोडक्ट्स” है। इसका उद्देश्य युवाओं को तंबाकू उद्योग की आकर्षक मार्केटिंग और भ्रामक प्रचार से बचाना है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिला अस्पताल में तंबाकू मुक्ति केंद्र संचालित है और सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर काउंसलर नियुक्त किए गए हैं।









