अंबेडकरनगर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को विमानन, एयरोस्पेस और ड्रोन तकनीक से परिचित कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय विमानन ओलंपियाड (एनएओ) 2026 का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता को लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. कौस्तुभ सिंह ने सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
डीआईओएस ने विद्यालयों से प्रतियोगिता का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने को कहा है। उन्होंने बताया कि यह ओलंपियाड विद्यार्थियों में विज्ञान और तकनीक के प्रति रुचि विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नई संभावनाओं से मिलेगा परिचय
डॉ. कौस्तुभ सिंह ने कहा कि प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को विमानन क्षेत्र की आधुनिक तकनीकों और करियर संभावनाओं की जानकारी मिलेगी। इससे छात्र-छात्राएं विज्ञान आधारित क्षेत्रों के प्रति अधिक जागरूक होंगे और भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तैयारी कर सकेंगे।
उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों से विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
तीन चरणों में होगा ओलंपियाड
राष्ट्रीय विमानन ओलंपियाड का आयोजन केंद्र सरकार के सेंटर फॉर साइंटिफिक आउटरीच, नई दिल्ली की ओर से राष्ट्रीय विमानन निकायों के सहयोग से किया जा रहा है। प्रतियोगिता में कक्षा आठ से 12 तक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे।
ओलंपियाड तीन चरणों में आयोजित होगा। पहला चरण विद्यालय स्तर पर अगस्त में होगा। इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता अक्तूबर में आयोजित की जाएगी। अंतिम चरण के रूप में राष्ट्रीय ग्रैंड फिनाले सात दिसंबर को नई दिल्ली में होगा।









