अंबेडकरनगर। लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने मंगलवार से आंदोलन शुरू कर दिया। जिले के लेखपालों ने अतिरिक्त ग्राम पंचायतों के मिले चार्ज के बस्ते संबंधित तहसील और राजस्व निरीक्षक कार्यालयों में जमा कर दिए। संघ ने स्पष्ट किया कि लेखपाल अब अपने मूल हल्के का ही काम करेंगे। अतिरिक्त हल्कों का काम नहीं करेंगे।
जिला अध्यक्ष जितेंद्र यादव ने बताया कि लेखपालों पर लगातार काम का दबाव बढ़ रहा है। वहीं, कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन्हीं मांगों को लेकर संघ ने सरकार और राजस्व परिषद से कार्रवाई की मांग की है।
पदोन्नति और भत्तों से जुड़ी मांगें भी शामिल
संघ की प्रमुख मांगों में गृह मंडल स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल दोबारा खोलना शामिल है। चयन वर्ष 2025-26 की लंबित पदोन्नति सूची जारी करने की भी मांग की गई है।
इसके अलावा ट्रेनिंग परीक्षा का परिणाम और प्रमाणपत्र जारी करने, स्टेशनरी, वाहन समेत अन्य भत्तों में वृद्धि की मांग है। भूलेख कार्यालयों और अन्य पटलों से जुड़े लेखपालों को इन कार्यों से मुक्त करने की मांग भी संघ ने रखी है।
रोस्टर का बहिष्कार, वेतनमान बढ़ाने की मांग
संघ ने ग्राम सचिवालयों में पर्याप्त सुविधाओं के बिना लगाए जा रहे रोस्टर का बहिष्कार किया है। लेखपाल संवर्ग का शुरुआती वेतनमान लेवल-5 करने की मांग भी शामिल है।
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वेतन से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के साथ लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने की मांग की गई है। संघ ने लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।









