अम्बेडकरनगर। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की रैंकिंग में अंबेडकरनगर ने तीन महीने के भीतर बड़ी छलांग लगाई है। अप्रैल में 12वें स्थान पर रहने वाला जिला अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के विभिन्न मानकों पर बेहतर प्रदर्शन के चलते जिले ने टॉप-5 में जगह बनाई है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि योजनाओं की नियमित निगरानी, स्वास्थ्य कर्मियों की सक्रियता और सेवाओं की बेहतर मॉनिटरिंग का असर अब रैंकिंग में भी दिखाई दे रहा है।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य से टीबी अभियान तक बेहतर प्रदर्शन
नई रैंकिंग में शिशुओं के नियमित टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव, उच्च जोखिम वाली गर्भवतियों की निगरानी, टीबी रोग खोज अभियान, एचआईवी जांच, मरीजों के पंजीकरण और नवजात शिशुओं की देखभाल जैसे प्रमुख मानकों पर जिले ने उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। आशा कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन में भी पहले की तुलना में बेहतर प्रगति दर्ज हुई है।
ब्लॉक रैंकिंग में भी बदली तस्वीर
जिले की ब्लॉकवार रैंकिंग में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जलालपुर ने पहला स्थान बरकरार रखा है। टांडा दूसरे और रामनगर तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। पिछली रैंकिंग में टॉप-3 में शामिल भीटी इस बार चौथे स्थान पर खिसक गया।
वहीं, निचले प्रदर्शन वाले ब्लॉकों में बसखारी, भियांव और अकबरपुर शामिल रहे। पिछली रैंकिंग में निचले तीन में रहने वाले जहांगीरगंज की स्थिति में इस बार सुधार दर्ज किया गया है।
निगरानी और टीमवर्क का दिखा असर
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.प्रमोद कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य योजनाओं की नियमित समीक्षा, फील्ड स्तर पर निगरानी और अधिकारियों व स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। विभाग का प्रयास है कि आने वाले समय में जिले का प्रदर्शन और बेहतर हो तथा प्रदेश की शीर्ष रैंकिंग में स्थान मजबूत किया जा सके।









