मनमोहन सिंह पर सोनिया का बड़ा बयान, मोदी सरकार पर साधा निशाना

कोयला ब्लॉक मामले में सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट के बाद सोनिया गांधी ने पूर्व पीएम की ईमानदारी को सराहा

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के कुछ दिन बाद कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। सोनिया गांधी ने मंगलवार को द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित अपने लेख में मनमोहन सिंह के कार्यकाल और मोदी सरकार के कामकाज की तुलना की।

सोनिया गांधी ने अपने लेख में कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड मौजूदा मोदी सरकार के काम करने के तरीके से बिल्कुल अलग था। उन्होंने कहा कि इतिहास मनमोहन सिंह को शांत, सरल और प्रभावशाली प्रधानमंत्रियों में से एक के रूप में सम्मान के साथ याद करेगा।

मनमोहन सिंह के खिलाफ अभियान का आरोप

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के खिलाफ एक सुनियोजित और संगठित लॉबी अभियान चलाया गया था। उनके मुताबिक इस अभियान में अफसरशाही, मीडिया, न्यायपालिका, सिविल सोसाइटी और आरएसएस-भाजपा से जुड़े लोग शामिल थे।

उन्होंने कहा कि यह अभियान अब अपने तय अंत तक पहुंच चुका है और मनमोहन सिंह को सभी मामलों में बेदाग साबित किया गया है।

क्या था कोयला ब्लॉक आवंटन मामला?

मामला वर्ष 2005 में ओडिशा के तालाबीरा-II कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा था। यह ब्लॉक महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL), नेवेली लिग्नाइट कॉरपोरेशन लिमिटेड (NLC) और हिंदाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आवंटित किया गया था।

आरोप था कि शुरुआत में आवंटन की सिफारिश NLC के पक्ष में की गई थी, लेकिन बाद में इसमें हिंदाल्को को भी शामिल कर दिया गया।

मनमोहन सिंह पर क्या आरोप लगे थे?

उस समय मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ कोयला मंत्रालय का प्रभार भी संभाल रहे थे। आरोप लगाया गया था कि उन्होंने स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिश के बावजूद मामले को दोबारा खोलने की अनुमति दी और हिंदाल्को को शामिल करने वाले आवंटन को मंजूरी दी।

CBI ने दाखिल की थी क्लोजर रिपोर्ट

CBI ने मामले की जांच के बाद 2014 में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। जांच एजेंसी ने कहा था कि मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक मामला चलाने का आधार नहीं बनता।

हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार नहीं किया और 2015 में मनमोहन सिंह समेत अन्य आरोपियों को समन जारी किया था।

सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत

29 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने CBI की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए ट्रायल कोर्ट के समन जारी करने वाले आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने और संज्ञान लेने के लिए कोई ठोस आधार नहीं था।

इस फैसले के बाद मनमोहन सिंह के खिलाफ इस मामले में आपराधिक कार्यवाही समाप्त हो गई। मनमोहन सिंह का 27 दिसंबर 2024 को निधन हो चुका है।

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