
Prayagraj के पॉश इलाके सिविल लाइन्स स्थित चार मंजिला बिट्ठल होटल में सोमवार दोपहर भीषण आग लग गई। हादसे के समय होटल में 12 लोग फंसे हुए थे, जिन्हें दमकल कर्मियों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना में होटल का बड़ा हिस्सा जलकर राख हो गया, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
ट्रांसफार्मर ब्लास्ट के बाद फैली आग
पुलिस जांच में सामने आया है कि होटल से सटे ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट होने के बाद आग लगी। ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी होटल की लकड़ी और अन्य ज्वलनशील सामान तक पहुंच गई, जिससे आग तेजी से फैल गई।
तेज हवा के कारण कुछ ही देर में आग ने पूरे होटल को अपनी चपेट में ले लिया। होटल से करीब 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं, जबकि धुएं का गुबार करीब 2 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा था।
8 दमकल गाड़ियों और हाइड्रोलिक मशीन से चला रेस्क्यू
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 8 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य के लिए हाइड्रोलिक मशीन भी मंगाई गई। एहतियात के तौर पर चार एंबुलेंस भी मौके पर तैनात की गईं।
दमकल कर्मी हाइड्रोलिक मशीन की मदद से ऊपरी मंजिलों तक पहुंचे और लगातार पानी की बौछारें मारकर आग बुझाने में जुटे रहे।
आग बुझाने में CFO का हाथ झुलसा
आग बुझाने के दौरान फायर विभाग के अधिकारी CFO सतीश चंद्र का हाथ झुलस गया। मौके पर ही उनका प्राथमिक उपचार किया गया।
बताया जा रहा है कि होटल में 20 से 25 कमरे थे। आग की चपेट में आकर दो बाइकें भी जल गईं और होटल का आधे से अधिक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
होटल में रुके लोगों ने सुनाई आपबीती
गाजियाबाद निवासी अरुण शर्मा, जो होटल के कमरा नंबर 306 में ठहरे थे, ने बताया कि पहले तेज ब्लास्ट की आवाज सुनाई दी। नीचे जाकर देखा तो ट्रांसफार्मर में आग लगी थी, जो कुछ ही देर में होटल तक पहुंच गई।
उन्होंने बताया कि इसके बाद सभी लोगों को शोर मचाकर अलर्ट किया गया और लोग जान बचाकर बाहर भागे।
दो घंटे की मशक्कत के बाद पाया गया काबू
डीसीपी सिटी Manish Kumar Shandilya ने बताया कि आग दोपहर करीब 1:30 बजे लगी थी, जिस पर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद 3:30 बजे काबू पा लिया गया।
उन्होंने बताया कि राहत और बचाव कार्य में फायर ब्रिगेड के 36 कर्मचारी लगे रहे। मौके पर तीन थानों की पुलिस फोर्स भी तैनात रही।









