अम्बेडकर नगर। महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज, सद्दरपुर में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की मेंटल हेल्थ एंड वेल-बीइंग कमेटी के तहत मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रधानाचार्य डॉ. मुकेश यादव के निर्देशन में किया गया।
कार्यक्रम में मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अवसाद, एंजायटी, डिसोसिएटिव डिसऑर्डर सहित विभिन्न मानसिक विकारों के प्रकार और उनके प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अवसाद किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है और समय पर उपचार से इसमें सुधार संभव है।
काउंसलिंग और जीवनशैली में बदलाव को बताया प्रभावी उपाय
डॉ. अमित कुमार गुप्ता ने कहा कि मानसिक रोगों के उपचार में चिकित्सा, काउंसलिंग (साइकोथेरेपी) और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को मानसिक तनाव की पहचान, समय पर सहायता लेने और आत्महत्या की रोकथाम से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग, व्यवहारिक समस्याओं और बदलती जीवनशैली से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की गई। मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए योग, ध्यान और सकारात्मक सोच को उपयोगी बताया गया।
संवादात्मक सत्र में छात्रों ने पूछे कई प्रश्न
कार्यक्रम में डिप्रेशन, एंजायटी और तनाव प्रबंधन जैसे विषयों पर संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया। प्रतिभागियों को मानसिक रोगों के लक्षण, कारण और उपचार के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे और विषय के प्रति जागरूकता दिखाई।
नर्सिंग और एमबीबीएस छात्रों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, अम्बेडकर नगर के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एमबीबीएस के छात्र भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग से डॉ. आशीष यादव ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।









