देश में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। मौसम एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, मानसून 8 जून से पश्चिमी तट पर लगभग स्थिर है और मुंबई पहुंचने में अभी 7 से 8 दिन का समय लग सकता है। इसकी प्रमुख वजह बंगाल की खाड़ी में मजबूत लो-प्रेशर एरिया या डिप्रेशन का नहीं बनना बताया जा रहा है।
मानसून की सुस्ती का असर देशभर में देखने को मिल रहा है। देश के 723 जिलों में से केवल 103 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज की गई है। हालांकि कई राज्यों में स्थानीय स्तर पर बारिश और आंधी का दौर जारी है।
राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा समेत 23 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान झुंझुनूं सहित 10 जिलों में करीब 2 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं मध्य प्रदेश के रायसेन, छिंदवाड़ा, ग्वालियर और सागर समेत 8 जिलों में भी मौसम बदलने के आसार हैं।
बिहार के भागलपुर, पूर्णिया और पूर्वी-पश्चिमी चंपारण समेत 26 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी है। दूसरी ओर पटना समेत 7 जिलों में मंगलवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम सुहावना रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से 6 डिग्री सेल्सियस तक कम दर्ज किया गया, जिससे यह जून महीने का अब तक का सबसे ठंडा दिन बन गया। केरल में 4 जून को प्रवेश करने के बाद मानसून अब तक 19 राज्यों में पहुंच चुका है।









