अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए खुलासों की ओर बढ़ रही है। जेल में बंद मुख्य आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला के अयोध्या स्थित योग केंद्र से पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक संदूक बरामद किया है, जिस पर लाल रंग से ‘रामराज्य कोष’ लिखा हुआ था। संदूक पर डिजिटल भुगतान के लिए पेटीएम का QR कोड भी लगा मिला। इस कार्रवाई का वीडियो बुधवार को सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी 28 जून को की गई थी। बरामद संदूक और उससे जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसका संबंध कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण से है या नहीं। जांच एजेंसियां आर्थिक लेनदेन और डिजिटल भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही हैं।
महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ी
इसी बीच राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश कपूर के अनुसार, महंत को 29 जून को भर्ती किया गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ और यूरिन इन्फेक्शन की शिकायत थी। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
SIT को जांच के लिए मिला अतिरिक्त समय
मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को अपनी जांच पूरी करने के लिए 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। मंगलवार को SIT ने फैजाबाद जेल पहुंचकर मामले में गिरफ्तार सभी आठ आरोपियों से पूछताछ की। इनमें सबसे लंबी पूछताछ अविनाश शुक्ला से हुई, जो करीब दो घंटे तक चली।
पूछताछ के दौरान पुलिस ने 5 जून को बरामद 20 लाख रुपये नकद और आभूषणों के संबंध में कई सवाल पूछे। अधिकारियों का कहना है कि बरामद रकम और अन्य साक्ष्यों की कड़ियां जोड़कर पूरे मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
400 निजी सुरक्षाकर्मी भी जांच के दायरे में
राम मंदिर परिसर में तैनात लगभग 400 निजी सुरक्षाकर्मी भी जांच के घेरे में आ गए हैं। SIT उनकी ड्यूटी रोस्टर, एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा जिस निजी सुरक्षा कंपनी के पास था, उसका संबंध बिहार के एक पूर्व सांसद से बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, मंदिर ट्रस्ट इस सुरक्षा व्यवस्था पर हर महीने करीब एक करोड़ रुपये खर्च करता था, यानी सालाना लगभग 12 करोड़ रुपये निजी सुरक्षा पर व्यय किए जाते थे। जांच एजेंसियां सुरक्षा व्यवस्था में किसी संभावित चूक या लापरवाही के पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।
चंपत राय से तीन घंटे पूछताछ, RMO का तबादला
इस मामले में राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से भी पुलिस ने करीब तीन घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने उनसे यह जानने का प्रयास किया कि चढ़ावा चोरी की जानकारी उन्हें पहली बार कब और किस माध्यम से मिली तथा उसके बाद ट्रस्ट की ओर से क्या कदम उठाए गए।









