अंबेडकरनगर। आलापुर क्षेत्र में गोवंशीय पशुओं की तस्करी और क्रूरता से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मामले में आरोपी अशोक लोना को अदालत से राहत नहीं मिली। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) परविंद कुमार ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी।
संगठित गिरोह पर सक्रियता का आरोप
तत्कालीन थाना प्रभारी रितेश कुमार पांडेय की रिपोर्ट के अनुसार 24 मार्च को पुलिस क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि रवि कुमार लोना के नेतृत्व में एक संगठित गिरोह सक्रिय है। गिरोह में सादाब, जितेंद्र मौर्य, अशोक लोना और अफजल के शामिल होने का उल्लेख किया गया।
आरोप है कि यह गिरोह आर्थिक लाभ के लिए गो-तस्करी और गोवध जैसी गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
पिकअप वाहन में क्रूरता से लदे मिले गोवंश
मामले में 7 मई 2025 की घटना को अहम बताया गया है। पुलिस के अनुसार सिपाही गांव स्थित सिंगारी देवी स्मारक महाविद्यालय के पास एक पिकअप वाहन में दो गोवंश क्रूरता पूर्वक लदे मिले। मौके से पेड़ से बंधे दो अन्य गोवंश भी बरामद किए गए, जिन्हें भी क्रूर तरीके से बांधा गया था।
पुलिस ने सभी गोवंश को मुक्त कराते हुए आवश्यक कार्रवाई की थी।
चार्जशीट दाखिल, संगठित अपराध का आरोप
घटना के बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच पूरी की और आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन पक्ष ने अदालत में कहा कि आरोपी संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है। यदि उसे जमानत दी जाती है तो उसके दोबारा अपराध में शामिल होने की आशंका है।









