
- खतौनी की प्रमाणित प्रति अब पूरी तरह ऑनलाइन
- तहसील और जनसेवा केंद्रों के चक्कर खत्म
- 24×7 उपलब्ध होगी भूलेख सेवा
अम्बेडकरनगर। जिले में राजस्व सेवाओं को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया गया है। अब खतौनी (अधिकार अभिलेख) की प्रमाणित प्रति पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध होगी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को तहसील और जनसेवा केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। आवेदक घर बैठे ऑनलाइन आवेदन कर प्रमाणित प्रति डाउनलोड कर सकेंगे।
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने बताया कि उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के भूलेख पोर्टल पर खतौनी को रियल टाइम ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है। इसके जरिए नागरिक किसी भी समय और किसी भी स्थान से खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त कर सकते हैं। इससे राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों का समय भी बचेगा।
अब नहीं लगाने होंगे तहसील के चक्कर
अब तक खतौनी की प्रमाणित प्रति लेने के लिए लोगों को तहसील या जनसेवा केंद्रों पर जाना पड़ता था। कई बार लंबी प्रक्रिया और भीड़ के कारण आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई ऑनलाइन व्यवस्था से यह प्रक्रिया काफी आसान हो गई है।
प्रशासन के मुताबिक हर साल बड़ी संख्या में भूमिधर और आवेदक खतौनी की प्रमाणित प्रति के लिए आवेदन करते हैं। ऑनलाइन सुविधा शुरू होने से लोगों को राहत मिलेगी और तहसीलों पर काम का दबाव भी कम होगा।
ऐसे मिलेगी ऑनलाइन प्रमाणित प्रति
ऑनलाइन प्रमाणित प्रति प्राप्त करने के लिए आवेदक को राजस्व विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद “खतौनी की नकल” विकल्प का चयन करना होगा। फिर जनपद, तहसील और गांव की जानकारी भरनी होगी।
इसके बाद संबंधित गाटा संख्या का चयन कर ऑनलाइन माध्यम से 15 रुपये शुल्क जमा करना होगा। भुगतान पूरा होने के बाद खतौनी की प्रमाणित प्रति डाउनलोड की जा सकेगी।









