
पाकिस्तानी : Inter-Services Public Relations ने ऑपरेशन सिंदूर की पहली बरसी पर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर भारत के दावों को चुनौती दी है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ताओं ने इस दौरान अपने सैन्य अभियान “मरका ए हक” को बड़ी रणनीतिक सफलता बताते हुए भारत पर कई गंभीर आरोप लगाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए ISPR के महानिदेशक Ahmed Sharif Chaudhry ने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध की आशंकाओं पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि दो परमाणु संपन्न देशों के बीच पूर्ण युद्ध की कल्पना करना समझदारी नहीं है। उनके अनुसार पाकिस्तान ने तनावपूर्ण हालात में संयम और धैर्य का परिचय दिया।
भारत के दावों पर सवाल
पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि भारत के ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में उन्होंने “मरका ए हक” नाम से सैन्य अभियान चलाया, जिसे बाद में “बुन्यानुम मरसूस” कहा गया। ISPR के मुताबिक इस अभियान ने क्षेत्रीय स्तर पर पाकिस्तान की रणनीतिक स्थिति को मजबूत किया।
प्रवक्ताओं ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए भारत से सबूत पेश करने की मांग भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत बिना पर्याप्त प्रमाण के पाकिस्तान पर आरोप लगाता रहा है। साथ ही भारतीय सेना पर राजनीति से प्रभावित होने का भी आरोप लगाया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने संयुक्त रूप से कहा कि पाकिस्तानी सेना किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है। हालांकि भारत की ओर से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस और आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।









