
सियोल/नई दिल्ली। साउथ कोरिया का शेयर बाजार भारत को पीछे छोड़ते हुए दुनिया का छठा सबसे बड़ा इक्विटी मार्केट बन गया है। इस उछाल की सबसे बड़ी वजह देश की चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियां और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में बढ़ती वैश्विक मांग बताई जा रही है।
ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के अनुसार इस साल साउथ कोरिया की लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप 86% बढ़कर 5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 475 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच गई है। इसके मुकाबले भारतीय शेयर बाजार की मार्केट कैप घटकर 4.8 ट्रिलियन डॉलर (करीब 456 लाख करोड़ रुपये) रह गई है।
साउथ कोरिया की सेमीकंडक्टर और चिप मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को वैश्विक AI बूम का सीधा फायदा मिला है। डेटा सेंटर, एआई प्रोसेसर और हाई-एंड चिप्स की मांग बढ़ने से इन कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी देखने को मिली है।
विशेषज्ञों के अनुसार भारतीय बाजार के फिसलने के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं:
- रुपये में कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट से मार्केट कैप डॉलर टर्म में प्रभावित हुई
- विदेशी निवेशकों की बिकवाली: FPIs ने भारतीय बाजार से रिकॉर्ड स्तर पर निकासी की
- AI और चिप सेक्टर की कमी: भारत में वैश्विक स्तर की बड़ी AI/सेमीकंडक्टर कंपनियों का अभाव
हालांकि शेयर बाजार के मूल्यांकन में साउथ कोरिया ने भारत को पीछे छोड़ दिया है, लेकिन अर्थव्यवस्था के आकार (GDP) में भारत अब भी काफी आगे है।
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के अनुमान के अनुसार:
- भारत की अर्थव्यवस्था: 4.15 ट्रिलियन डॉलर
- साउथ कोरिया की अर्थव्यवस्था: 1.93 ट्रिलियन डॉलर
इस तरह भारत की अर्थव्यवस्था साउथ कोरिया से दोगुने से भी अधिक बड़ी बनी हुई है।
- साउथ कोरिया दुनिया का छठा सबसे बड़ा शेयर बाजार बना
- मार्केट कैप 5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंची
- भारत की मार्केट कैप 4.8 ट्रिलियन डॉलर पर फिसली
- AI और चिप कंपनियों ने कोरियाई बाजार को मजबूती दी
- भारत GDP में अभी भी कोरिया से काफी आगे









