
- सेवा तीर्थ में साढ़े चार घंटे चली केंद्रीय मंत्रिपरिषद की बैठक
- मंत्रालयों के प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं की समीक्षा
- पीएम बोले- ‘विकसित भारत 2047’ सरकार का संकल्प
- पश्चिम एशिया संकट के आर्थिक असर पर भी हुई चर्चा
Narendra Modi की अध्यक्षता में गुरुवार रात दिल्ली स्थित सेवा तीर्थ में केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अहम बैठक हुई। करीब साढ़े चार घंटे चली इस बैठक में सरकार के कामकाज, मंत्रालयों के प्रदर्शन और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि सरकार का लक्ष्य और वादा है। उन्होंने मंत्रियों को तेजी से काम करने और फाइलों में अनावश्यक देरी नहीं होने देने के निर्देश दिए।
पीएम मोदी ने सरकारी कामकाज को और सरल बनाने तथा सुधारों पर अधिक ध्यान देने की बात कही। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे जनता के बीच जाकर केंद्र सरकार के पिछले 12 वर्षों के कामकाज और उपलब्धियों की जानकारी दें।
शुक्रवार सुबह प्रधानमंत्री ने बैठक की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘जीवन की सुगमता’ और ‘व्यापार करने की सुगमता’ को बढ़ावा देने से जुड़े सुझावों और बेहतर तौर-तरीकों पर चर्चा हुई। साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में कृषि, वन, श्रम, सड़क परिवहन, विदेश, वाणिज्य और बिजली समेत कई प्रमुख मंत्रालयों ने अपने कामकाज की रिपोर्ट पेश की। जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया, उन्हें सुधार लाने और कार्यप्रणाली बेहतर करने के निर्देश दिए गए।
सूत्रों के मुताबिक बैठक में आधा दर्जन से अधिक मंत्रालयों ने प्रेजेंटेशन दिए। इनमें नौ मंत्रालयों ने अपने प्रदर्शन और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी साझा की। NITI Aayog और कैबिनेट सचिवालय की ओर से भी प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए गए।









